दुनिया की प्रमुख टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट फिर से सुर्खियों में है। इस बार कंपनी पर 22000 कर्मचारियों की छंटनी करने की अफवाहें सामने आई हैं, जिसे लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई। कहा गया कि जनवरी 2026 में माइक्रोसॉफ्ट अपनी टीम में भारी कटौती कर सकती है। हालांकि, कंपनी ने इस खबर को पूरी तरह से नकारते हुए इसे “मनगढ़ंत” बताया है। माइक्रोसॉफ्ट के चीफ कम्युनिकेशंस ऑफिसर फ्रैंक एक्स. शॉ ने साफ किया कि ये अफवाहें पूरी तरह गलत हैं और इनका कोई आधार नहीं है।
अफवाहें कहां से शुरू हुईं और क्या कहा कंपनी ने?
इन अफवाहों की शुरुआत TipRanks नामक प्लेटफॉर्म पर एक आर्टिकल के बाद हुई, जिसमें दावा किया गया कि माइक्रोसॉफ्ट अपने कर्मचारियों की संख्या में 5 से 10 प्रतिशत की कटौती कर सकता है। इसका मतलब होता है कि 11,000 से 22,000 लोगों को नौकरी से निकाला जा सकता है। बताया गया कि इस छंटनी से Azure, Xbox और ग्लोबल सेल्स की टीमें प्रभावित हो सकती हैं। माइक्रोसॉफ्ट की ओर से इसपर मजाकिया अंदाज में जवाब आया कि वे इस बात की पुष्टि के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फ्रैंक एक्स. शॉ ने इस तरह की अफवाहों को तुच्छ बताते हुए स्पष्ट किया कि कंपनी ने अभी तक कोई ऐसी योजना नहीं बनाई है।
पिछली बड़ी छंटनी और कंपनी का कारोबार
माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले साल ही करीब 15,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी, जिससे कंपनी ने अपने खर्चों को नियंत्रित किया। जुलाई 2025 में 9,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया, जबकि मई में लगभग 6,800 कर्मचारियों की छंटनी हुई थी। इसके बावजूद कंपनी के कारोबार पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट वैल्यू 4 ट्रिलियन डॉलर से भी ऊपर पहुंच गया। इस सफलता का मुख्य कारण कंपनी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड सर्विसेज और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर में निवेश रहा है, जिससे निवेशकों का विश्वास कंपनी पर बना हुआ है।
भारत में बड़े निवेश की तैयारी
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने हाल ही में घोषणा की है कि कंपनी अगले दो वर्षों में भारत में 3 बिलियन डॉलर यानी लगभग 25,722 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह निवेश भारत में तकनीकी विकास और व्यवसाय को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ऐसे निवेश से भारत में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। माइक्रोसॉफ्ट की यह पहल भारत में कंपनी की दीर्घकालिक योजना और विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

