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Friday, March 13, 2026
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Ikkis: 21 साल के परमवीर चक्र विजेता की कहानी बड़े पर्दे पर, अगस्त्य नंदा बने अरुण खेत्रपाल

Ikkis: फिल्म ‘इक्कीस – द अनटोल्ड ट्रू स्टोरी ऑफ सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल’ नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। यह फिल्म 1971 के भारत–पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित एक सशक्त वॉर ड्रामा है, जिसमें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिक सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की जीवनगाथा दिखाई गई है। इस फिल्म में अगस्त्य नंदा ने अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई है। खास बात यह भी है कि यह महान अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिससे दर्शकों के लिए इसका भावनात्मक महत्व और भी बढ़ जाता है। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी यह फिल्म सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि साहस, कर्तव्य और देशभक्ति की भावना को गहराई से दर्शाती है।

सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल कौन थे?

अरुण खेत्रपाल का जन्म महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुआ था। वे भारतीय सेना की प्रतिष्ठित ‘पूना हॉर्स’ रेजीमेंट के अधिकारी थे। बहुत कम उम्र में सेना में शामिल हुए अरुण खेत्रपाल ने अपने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता से अपने साथियों और वरिष्ठ अधिकारियों का भरोसा जीता। 1971 के भारत–पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने सीमा पर देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। महज 21 वर्ष की उम्र में उन्होंने जिस वीरता का परिचय दिया, वह भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने दुश्मन के कई टैंकों को नष्ट किया और अंतिम सांस तक मोर्चे पर डटे रहे। उनकी शहादत यह साबित करती है कि उम्र नहीं, बल्कि जज़्बा और देशप्रेम किसी सैनिक को महान बनाता है।

 

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सबसे कम उम्र में परमवीर चक्र पाने वाले वीर योद्धा

अरुण खेत्रपाल को उनकी असाधारण बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। वह इस सर्वोच्च सैन्य सम्मान को पाने वाले भारत के सबसे कम उम्र के वीर योद्धा थे। 1971 में बासंतर नदी के पास हुए भीषण युद्ध के दौरान उनकी टैंक को पाकिस्तानी सेना ने निशाना बनाया और नष्ट कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया। घायल अवस्था में भी उन्होंने दुश्मन के कई टैंकों को तबाह किया और अपने प्राण न्योछावर कर दिए। आज भी भारतीय सेना में उनके साहस की मिसाल दी जाती है और युवा सैनिकों को उनकी कहानी से प्रेरणा मिलती है। अरुण खेत्रपाल का नाम उन अमर शहीदों में शामिल है, जिनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देश के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा।

फिल्म ‘इक्कीस’: अभिनय, निर्देशन और कहानी की झलक

निर्देशक श्रीराम राघवन की फिल्म ‘इक्कीस’ में सिर्फ युद्ध के दृश्य ही नहीं, बल्कि अरुण खेत्रपाल के व्यक्तिगत जीवन, उनके सपनों और उनके परिवार से जुड़े भावनात्मक पहलुओं को भी दिखाया गया है। अगस्त्य नंदा के साथ फिल्म में जयदीप अहलावत, दिवंगत धर्मेंद्र और सिमरन भाटिया (अक्षय कुमार की भतीजी) अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म देशभक्ति से भरपूर होने के साथ-साथ एक युवा सैनिक की संवेदनशील और प्रेरणादायक कहानी को सामने लाती है। 1 जनवरी 2026 को रिलीज़ होने वाली यह फिल्म न सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना को जीवंत करेगी, बल्कि दर्शकों को यह याद भी दिलाएगी कि देश की आज़ादी और सुरक्षा के पीछे कितने अनमोल बलिदान छिपे हुए हैं।

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